Posts

Showing posts from April, 2025

आरंभ है प्रचंड .. पीयूष मिश्रा

आरंभ है प्रचंड ..                                                                                             पीयूष मिश्रा    आरम्भ है प्रचण्ड बोल मस्तकों के झुण्ड आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो, आन बान शान या की जान का हो दान आज एक धनुष के बाण पे उतार दो !!! मन करे सो प्राण दे, जो मन करे सो प्राण ले वही तो एक सर्वशक्तिमान है, विश्व की पुकार है ये भगवत का सार है की युद्ध ही तो वीर का प्रमाण है !!! कौरवों की भीड़ हो या पाण्डवों का नीर हो जो लड़ सका है वही तो महान है !!! जीत की हवस नहीं किसी पे कोई बस नहीं क्या ज़िन्दगी है ठोकरों पर मार दो, मौत अन्त हैं नहीं तो मौत से भी क्यों डरे ये जाके आसमान में दहाड़ दो !   आरम्भ है प्रचण्ड बोल मस्तकों के झुण्ड आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो, आन बान शान या की जा...